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--  作者:COOL_SONIA
--  发布时间:2011-01-07 23:29:00
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9527
--  作者:TIGERLEUNG27
--  发布时间:2011-01-07 23:30:00
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SZZ   SB - -

I DON\'T KNOW  WHAT IS THIS?

एक ज़माना था दिल हमारा भी मचला करता था 
दिन रात खुवाबबों मे ख़यालो मे कोई रहता था 
तब शायर-ए-इश्क़ मे हम ही हम नज़र आते थे 
अब ना ख़ुशी रही ना ग़म हम हँसी के कर्ण खोज रहे है 
इससे अब कोई अदभुद खोज कहे या आविष्कार 
शायर-ए-इश्क़ मे दिन रात कैसे गुज़र जाते थे 
इस रहस्य का पर्दा फ़ाश करने मे की कसर नही छोड़ रहे है 
शायद उम्र का तक़ाज़ा था, और समय की ना कोई फ़िक्र 
तभी योइंदिया पे इश्क़ नही तो शायर-ए-डार्द मे सही 
भारी दिल और नम आँखो से ताक़ते घंटे गुज़र देते थे 
दासवी मे हिंदी की परीक्षा मे चाहे नंबर काम आए हो 
शायरी केरते वक़्त लफ्ज़ कहा से आते, ये भी अपने मे एक रहसये है 
ख़ुद की दीवानगी कहे या यहा के लोगों का अपनापान 
रहस्यो का पिटारा तो यूह भरता ही रहेगा...!! 
मेरी इस खोज मे आप भी भग्यदार बने, अपनी भी कुछ राय पेश करे ... 
शायद इसी के तहत यहा भी महफ़िल ज़म जाएगी 
कुछ खट्टी कुछ मीठी, कुछ नमकीं कुछ तीखी 
एक ज़बरदस्त कविता यहा पे भी बन जाएगी.
 

--  作者:Dyren
--  发布时间:2011-01-07 23:31:00
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i dont understand = =
--  作者:COOL_SONIA
--  发布时间:2011-01-07 23:33:00
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only Indian people can Understand this图片点击可在新窗口打开查看图片点击可在新窗口打开查看图片点击可在新窗口打开查看
--  作者:Angel1551
--  发布时间:2011-01-07 23:37:00
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9527  图片点击可在新窗口打开查看
--  作者:COOL_SONIA
--  发布时间:2011-01-07 23:39:00
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Loda Have Ubho Tha Ghare Javu Che...图片点击可在新窗口打开查看
--  作者:cyberangel
--  发布时间:2011-01-07 23:47:00
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wah.......图片点击可在新窗口打开查看图片点击可在新窗口打开查看
--  作者:kinn_quee
--  发布时间:2011-01-07 23:58:00
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图片点击可在新窗口打开查看图片点击可在新窗口打开查看


nice quotes

--  作者:steven119
--  发布时间:2011-01-08 1:16:00
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以下是引用TIGERLEUNG27在2011-1-7 23:30:00的发言:
SZZ   SB - -

I DON\'T KNOW  WHAT IS THIS?

एक ज़माना था दिल हमारा भी मचला करता था 
दिन रात खुवाबबों मे ख़यालो मे कोई रहता था 
तब शायर-ए-इश्क़ मे हम ही हम नज़र आते थे 
अब ना ख़ुशी रही ना ग़म हम हँसी के कर्ण खोज रहे है 
इससे अब कोई अदभुद खोज कहे या आविष्कार 
शायर-ए-इश्क़ मे दिन रात कैसे गुज़र जाते थे 
इस रहस्य का पर्दा फ़ाश करने मे की कसर नही छोड़ रहे है 
शायद उम्र का तक़ाज़ा था, और समय की ना कोई फ़िक्र 
तभी योइंदिया पे इश्क़ नही तो शायर-ए-डार्द मे सही 
भारी दिल और नम आँखो से ताक़ते घंटे गुज़र देते थे 
दासवी मे हिंदी की परीक्षा मे चाहे नंबर काम आए हो 
शायरी केरते वक़्त लफ्ज़ कहा से आते, ये भी अपने मे एक रहसये है 
ख़ुद की दीवानगी कहे या यहा के लोगों का अपनापान 
रहस्यो का पिटारा तो यूह भरता ही रहेगा...!! 
मेरी इस खोज मे आप भी भग्यदार बने, अपनी भी कुछ राय पेश करे ... 
शायद इसी के तहत यहा भी महफ़िल ज़म जाएगी 
कुछ खट्टी कुछ मीठी, कुछ नमकीं कुछ तीखी 
एक ज़बरदस्त कविता यहा पे भी बन जाएगी.

ha ha ha im Indian also but the irony is i can not read Hindi latter but i can only speak in Hindi .. like im not able to read this ... because im a Bengali from kolkata ... i can  read and speak English and Bengali , but hindi only can speak 
 

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--  作者:SaMThEMaN
--  发布时间:2011-01-08 2:14:00
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i am not indian but i understand -.-